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छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ नारायणपुर के युवा राइडर राज श्रीवास ने अपने जुनून और हौसले से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपनी बाइक से लद्दाख की कठिन यात्रा पूरी करते हुए 19,024 फीट की ऊंचाई

19,024 फीट पर लहराया अबूझमाड़ नारायणपुर का नाम

युवा राइडर राज श्रीवास ने बाइक से हासिल किया दुनिया के सबसे ऊंचे रास्तों में शामिल जोजि ला,खारदुंग ला,फोटी ला, उमलिंग ला पास

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ नारायणपुर के युवा राइडर राज श्रीवास (वास्तविक नाम धर्मराज श्रीवास) ने अपने जुनून और हौसले से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपनी बाइक से लद्दाख की कठिन यात्रा पूरी करते हुए 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध उमलिंग ला पास (Umling La Pass) तक पहुंचकर अपने शहर का नाम ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

राज श्रीवास इस सफर पर सिर्फ घूमने के लिए नहीं निकले थे, बल्कि अपने शहर “Abujhmad Narayanpur” की पहचान देशभर में पहुंचाने के उद्देश्य से यात्रा कर रहे थे। उनकी बाइक पर लिखा अपने शहर का नाम हर जगह लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था।

नारायणपुर से शुरू हुई यह यात्रा हजारों किलोमीटर लंबी रही। उन्होंने भिलाई, जबलपुर, आगरा, दिल्ली, पंजाब, श्रीनगर, कारगिल और लेह जैसे कई शहरों और कठिन पहाड़ी रास्तों को पार किया। रास्ते में मौसम की मार, लंबी दूरी और ऊंचाई की परेशानियों के बावजूद उनका आत्मविश्वास लगातार मजबूत बना रहा।
इससे पहले भी इन्होंने 3700 से अधिक किलोमीटर का सफर तय किया हुआ है जिसमें महाराष्ट्रा,गोवा,कर्नाटक,तेलंगाना जैसे राज्यों से होकर किया था ।मुख्य कारण इंडिया बाइक वीक में शामिल होना बताया था जो कि प्रत्येक वर्ष आयोजित होता है जिसमें दुनिया भर के सभी बाइकर्स शामिल होते हैं और एक दूसरे से परिचित होने का मौका मिलता है।

लद्दाख का उमलिंग ला पास हर बाइक राइडर का सपना माना जाता है। कम ऑक्सीजन, तेज ठंडी हवाएं और बेहद कठिन रास्तों के बीच वहां तक पहुंचना आसान नहीं होता। लेकिन राज श्रीवास ने अपने जुनून और मेहनत के दम पर इस चुनौती को पूरा कर दिखाया।

राज का कहना है कि छोटे शहरों से भी ऐसे सपने देखे और पूरे किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास पैसे नहीं थे पर सपना बड़ा था जिसे कुछ लोगों ने समझा और उनके इस सपने को पूरा करने में मदद की Shubh Mobile Narayanpur, SBM Auto detailing, Jeetu Sen, Starlines, CGCB200X-Rides, BBC- Bastar Biker Club जिसके वह एक सदस्य भी हैं ।

आज उनकी यह उपलब्धि नारायणपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन चुकी है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके सफर और साहस की सराहना कर रहे हैं।

“जब मैं 19,024 फीट ऊंचे उमलिंग ला पास पर पहुंचा, तब ऐसा लगा जैसे मेरे साथ पूरा अबूझमाड़ नारायणपुर उस ऊंचाई तक पहुंच गया हो।” – राज श्रीवास