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माओवादी संगठन में मतभेद, नहीं डालेंगे हथियार, केंद्रीय प्रवक्ता द्वारा जारी शांति वार्ता के पत्र को बताया निजी राय।

माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति ने जारी किया पत्र।

जगदलपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साफ किया है कि केंद्रीय समिति के आधिकारिक प्रवक्ता कॉमरेड सोनू उर्फ अभय द्वारा की गई अस्थायी युद्धविराम की घोषणा पार्टी का फैसला नहीं है, बल्कि यह उनकी निजी राय है। राज्य समिति ने कहा कि पार्टी ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है और संगठन अब भी सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन और अभियान को जारी रखेगा। विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि माओवादियों और सरकार के बीच किसी भी स्तर पर युद्धविराम या समझौते की कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हो रही है। उल्लेखनीय है कि नक्सलियों के केंद्रीय प्रवक्ता अभय उर्फ सोनू के द्वारा शांति वार्ता का पत्र एवं ऑडियो संदेश सरकार के नाम जारी किया गया था जिसमें प्रवक्ता के द्वारा सरकार से एक माह का सीज फायर करने की मांग की गई थी, तदोपरान्त माओवाद संगठन द्वारा जारी हिंसा रोकने का जिक्र किया गया था।

केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप

प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार जनवरी 2024 से ही “कमान” के नाम पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रही है। संगठन का दावा है कि इस अभियान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता मारे गए हैं। माओवादियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का मकसद आंदोलन को पूरी तरह खत्म करना है।

आंतरिक संकट और आत्मसमर्पण

राज्य समिति ने यह स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों में पार्टी को गहरी क्षति पहुँची है। केवल मई 2025 में संगठन ने अपने महासचिव समेत 28 साथियों को खो दिया। इसके अलावा, कई वरिष्ठ और जिला स्तर के नेता हाल की मुठभेड़ों में मारे गए। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी माना गया कि कुछ राज्य समिति सदस्य और निचले स्तर की इकाईयों के कार्यकर्ता स्वास्थ्य व निजी समस्याओं के चलते आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

युद्धविराम पर संगठन की स्थिति

तेलंगाना राज्य समिति ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी प्रकार का आधिकारिक युद्धविराम नहीं मानती। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन “जनविरोधी और फासीवादी भाजपा नीतियों” के खिलाफ है और इसे तेज़ किया जाएगा।