
मोखपाल के समीप सुकमा-दंतेवाड़ा मार्ग पर यात्रियों के लिए जलपान और फलाहार की व्यवस्था।
दंतेवाड़ा। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मां दंतेश्वरी धाम में दर्शन हेतु इस वर्ष भी दूर-दराज़ से सैकड़ों श्रद्धालु पदयात्रा कर दंतेवाड़ा पहुँच रहे हैं। इन पदयात्रियों के लिए विभिन्न समितियों द्वारा मार्ग में जगह-जगह पदयात्री सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। इसी क्रम में सुकमा-दंतेवाड़ा मार्ग पर मोखपाल के समीप बाबू पारा युवा समिति ने भी सेवा केंद्र स्थापित किया है। यहाँ पदयात्रियों के लिए जलपान, फलाहार और चाय की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। समिति के युवाओं ने श्रद्धालुओं की सेवा को नवरात्रि का पुण्य कार्य मानते हुए इसे बड़े उत्साह और भक्ति भाव से संपन्न किया।
सालों से सेवा केंद्र में पदयात्रियों की सेवा कर रहे युवा।
बताया जाता है कि बाबू पारा युवा समिति पिछले कई वर्षों से नवरात्र के दौरान यह सेवा करती आ रही है। इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम और सामाजिक एकजुटता के साथ युवाओं ने यात्रियों की सेवा की जिम्मेदारी निभाई है। समिति के प्रमुख सदस्यों में चरण सिंह ठाकुर, शिवनाथ ठाकुर, भरत सिंह ठाकुर, राम ठाकुर, मंगल सिंह ठाकुर और चमन सिंह ठाकुर सहित पूरे बाबू पारा युवा समिति के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
दूरस्थ अंचलों से आ रहे श्रद्धालु…
हर वर्ष की तरह इस बार भी सुकमा, कोंटा, छिंदगढ़, केरलापाल और गादीरास जैसे दूरस्थ इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर दंतेवाड़ा पहुँच रहे हैं। इन श्रद्धालुओं का मार्ग मोखपाल से होकर गुजरता है, इसलिए यहाँ स्थापित सेवा केंद्र का महत्व और भी बढ़ जाता है।युवाओं के सेवा भाव से पदयात्री न केवल प्रसन्न दिखाई दिए, बल्कि उन्होंने इसे मां दंतेश्वरी की कृपा और आशीर्वाद से जोड़कर देखा।
आस्था और सेवा का संगम
नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा का धाम आस्था और संस्कृति का केंद्र बनता है। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ यहाँ दर्शन के लिए पहुँचती है। ऐसे समय में स्थानीय समितियों और युवाओं का यह सहयोग न केवल यात्रियों को राहत देता है बल्कि समाज में आस्था और सेवा की एकता का अनूठा उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।