लोक अदालत में विभिन्न प्रकरणो का किया गया निराकरण।

दंतेवाड़ा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2022 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में माननीय मुख्य संरक्षक महोदय छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं माननीय कार्यपालक अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सहमति व सुलह समझौता से निराकृत किये गये हैं। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों कें पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये जाने के अतिरिक्त स्पेशल सिटिंग के माध्यम से भी पेटी ऑफेंस के प्रकरणों को निराकृत किये गये हैं।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेशानुसार 12 नवंबर 2022 द्धितीय शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय दंतेवाड़ा, किशोर न्याय बोर्ड दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर के व्यवहार न्यायालय में तथा तीनों राजस्व जिला- दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के राजस्व न्यायालयों में एक साथ नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अब्दुल जा़हिद कुरैशी के निर्देशानुसार इस लोक अदालत के लिए कुल 09 खण्डपीठ का गठन किया गया था । इसमें प्री-लिटिगेशन के बैंक, विधुत, नलजल, बीएसएनएल एवं राजस्व न्यायालयों को मिलाकर के कुल- 3126 प्रकरण रखे गये थे जिनमें से कुल-1185 मामले निराकृत हुए जिसमें प्री-लिटिगेशन के कुल-17,40,861/- राशि का अवार्ड पारित किया गया ।
इसी प्रकार न्यायालय में लंबित नियमित मामले कुल- 741 रखे गये थे जिनमें से कुल-516 मामलों का निराकरण करते हुए कुल-64,04,200/- राशि का अवार्ड पारित किया गया।
इस प्रकार सभी मिलाकर इस लोक अदालत में कुल-3867 प्रकरण रखे गये थे जिसमें से कुल-1701 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल-81,45,061/- का अवार्ड पारित किया गया ।
उक्त लोक अदालत वर्चुअल एवं भौतिक दोनों रूप में आयोजित किया गया था ।
नेशनल लोक अदालत में आज मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण दंतेवाड़ा के खण्डपीठ क्रमांक 1 के पीठासीन श्रीमान् जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अब्दुल जा़हिद कुरैशी के न्यायालय के मोटर दुर्घटना दावा/सिविल प्रकरणों में कुल 04 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल राशि 31,15,000…/-रू. का अवार्ड पारित किया गया ।
श्री प्रवीण कुमार प्रधान, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दंतेवाड़ा के न्यायालय से कुल-04 दावा प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1,90,000/-का अवार्ड पारित किया गया ।
श्री दीपक कुमार देशलहरे, द्धितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दंतेवाड़ा के न्यायालय से कुल-01 प्रकरण का निराकरण करते हुए 12,00,000/-का अवार्ड पारित किया गया।
श्री शान्तनु कुमार देशलहरे, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ,नक्सल कोर्ट, दंतेवाड़ा के न्यायालय से कुल-03 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 10,25,000/-रू. का अवार्ड पारित किया गया।
श्री शैलेश शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ,एफटीसी, दंतेवाड़ा के न्यायालय से कुल-05 विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर एंव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बचेली के द्वारा भी अधिक से अधिक मामलें इस लोक अदालत में राजीनामा हेतु रखे गये और कुल-499 रेगुलर मामलों का निराकरण किया गया ।
सफल कहानी के अंतर्गत्
श्री अब्दुल जा़हिद कुरैशी, माननीय जिला न्यायाधीश, दंतेवाड़ा के न्यायालय के मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में वाहन दुर्घटना के फलस्वरूप् मृत्यु के मामलें में आवेदकगण ने न्यू इंडिया इं.कं.लि. बस्तर जगदलपुर के साथ आज कुल-12,00,000/- रू. में समझौता किया और मामलें का सहजता से निराकरण हुआ । इस समझाईश में माननीय न्यायालय के अलावा खंडपीठ के सदस्य श्री दिनेश सिंह राठौर अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री पवन शर्मा का भी योगदान रहा है ।
श्री शैलेश शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ,एफटीसी, दंतेवाड़ा के न्यायालय में 1 नवम्बर 2022 के दिन एक पारिवारिक मामला वर्ष 2019 से लंबित था जिसमें पक्षकार का विवाह वर्ष 1996 में हुआ था वे विवाह के 15-16 वर्ष बाद तलाक का आवेदन प्रस्तुत किए थे । दोनों पारस्पिरिक सहमति से विवाह विच्छेद कराना चाहते थे, परंतु आज नेशनल लोक अदालत में माननीय जिला न्यायाधीश, श्री अब्दुल जा़हिद कुरैशी, एवं सुलहकर्ता सदस्यगण तथा श्री ओंकारेश्वर समरथ अधिवक्ता एवं श्री हरिलाल डेगल अधिवक्ता दंतेवाड़ा के द्वारा, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती सुमनप्रभा यादव एवं उक्त पीठासीन अधिकारी श्री शैलेश शर्मा के द्वारा पक्षकारों को समझाईश दिए जाने पर दोनों पति-पत्नी पारस्परिक सहमति के आधार पर अपना प्रकरण वापस लेने के लिए तैयार हो गये और अपने परिवार के उज्जवल भविष्य के लिए साथ-साथ रहना स्वीकार किए और विवाह विच्छेद की याचिका वापस ले लिए । उनके मध्य कोई विवाद नहीं रह गया । उनका पारिवारिक विवाद का आज न्यायालय में ही समाधान हुआ और न्यायालय से ही साथ साथ घर गये और एक परिवार टूटने से बच गया तथा टूटा हुआ परिवार एक हो गया ।
इसी प्रकार उक्त माननीय न्यायालय के एक अन्य सिविल प्रकरण में जो वर्ष 2018 से लंबित था यह प्रकरण संरक्षण एवं प्रतिपाल्य अधिनियम के तहत था जिसमें भी माननीय जिला न्यायाधीश एवं अपर जिला न्यायाधीश तथा उक्त खंडपीठ के सदस्यों द्वारा समझाईश देने और श्री कौशल किशोर अवस्थी अधिवक्ता के प्रयास से मामलें में राजीनामा हुआ । प्रकरण का अंतिम निराकरण किया गया तथा पिता को पुत्री के पुत्री के साथ वापस भेजकर मिलाया गया।