जिला पंचायत सीईओ ने कुम्हाररास माटीकला केंद्र का लिया जायजा।

दंतेवाड़ा। मुख्यमंत्री द्वारा कुम्हारों एवं मिट्टी शिल्पियों के आर्थिक विकास के लिए छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड का गठन किया है। इसके माध्यम से पारंपरिक माटी शिल्पियों के सर्वागीण विकास के लिए प्रशिक्षण, उपकरण , कार्यशाला इत्यादि के संबंध में जानकारी दी जा रही है, ताकि उनमें उद्यमिता कौशल विकास हो सके।इसी तरह दंतेवाड़ा जिले में भी कुम्हारों द्वारा मिट्टी के बर्तन और अन्य मनमोहक कलाकृतियाँ बनाई जा रही है जिसका जिला पंचायत सीईओ श्री ललितादित्य नीलम के द्वारा माटीकला केंद्र कुम्हाररास का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।उन्होंने केंद्र पहुंच मिट्टी से बनाये जा रहे उत्पादों के बनाने की विधि का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही बनाने में लागत मूल्य, विक्रय से होने वाली आमदनी आदि के संबंध में जानकारी ली।उन्होंने मिट्टी से बने बर्तन एवं कलात्मक मूर्तियों के निर्माण को और अधिक मात्रा में उत्पादन किये जाने के निर्देश दिए।स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं का विक्रय हेतु कार्ययोजना बनाने को कहा ।साथ ही माटीकला से सजावटी वस्तुओं के निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए जिससे कुम्हारों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनका बेहतर जीवकोपार्जन हो सकेगा।

जिला पंचायत सीईओ द्वारा कुआकोंडा विकासखण्ड अंतर्गत नॉन वूमेन बैग (थैलियां) का निर्माण किया जा रहा है का भी निरीक्षण किया गया। वर्तमान में प्लास्टिक के उपयोग को पर्यावरण के दृष्टि से प्रतिबंधित किया गया है जिसे ध्यान में रखते हुए कुआकोंडा विकासखण्ड के पालनार में हड़मा रॉज महिला संगठन की समूह की महिलाओं द्वारा नॉन वूमेन बैग तैयार किये जा रहे हैं। उत्पादित सामग्री के विक्रय हेतु नगरपालिका के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए स्व सहायता की समूह की महिलाओं को आस्वस्त किया।साथ ही कुआकोंडा स्थित दंतेश्वरी मार्ट का भी निरीक्षण किया।