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CG – फेसबुक पर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा, रिटायर्ड BSP कर्मी से 45 लाख की ठगी,आरोपी MP से गिरफ्तार

दुर्ग/भिलाई। भिलाई में बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मी से करीब 45 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने फेसबुक के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद पंजीयन, मार्जिन और टैक्स समेत अलग-अलग शुल्क के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई गई।

मामले में दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के बैतूल से 24 वर्षीय आरोपी विशाल नागले को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, चेकबुक और पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

फेसबुक के जरिए बनाया संपर्क

जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने फेसबुक के माध्यम से बीएसपी के सेवानिवृत्त कर्मी से संपर्क किया। ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा देकर उसे निवेश के लिए तैयार किया गया। शुरुआत में ट्रेडिंग के नाम पर भरोसा कायम किया गया और बाद में अलग-अलग शुल्क बताकर लगातार रकम जमा कराई जाने लगी।

आरोपियों ने पंजीयन, मार्जिन और टैक्स के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। धीरे-धीरे ठगी की रकम करीब 45 लाख रुपये तक पहुंच गई।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर दुर्ग पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेनदेन, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपी विशाल नागले के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने बैतूल पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, मामले में आरोपी के साथ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। बरामद मोबाइल, चेकबुक, दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के जरिए पुलिस साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

दुर्ग पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर मिलने वाले अनजान ऑफर और सोशल मीडिया के झांसे से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि कम समय में भारी मुनाफे का लालच देने वाले लोगों के कहने पर किसी भी बैंक खाते में रकम ट्रांसफर न करें और निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।