सीएम साय की घोषणा के करीब 4माह बाद भी अमल नहीं, 33 दिन के हड़ताल अवधि के वेतन को लेकर NHM कर्मचारियों में बढ़ी नाराजगी
एनएचएम कर्मचारी विभाग से पूछ रहे सवाल-महासम्मेलन में मिली घोषणा का आदेश कब? आगामी त्योहारों से पहले भुगतान की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई महत्वपूर्ण घोषणा के अब करीब चार माह बीत जाने के बाद भी उसका विभागीय आदेश जारी नहीं होने से एनएचएम कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। कर्मचारी संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन कर्मचारियों को जल्द से जल्द प्रदान किया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 13 जून 2026 को रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ के 18 हजार से अधिक एनएचएम कर्मचारियों की मौजूदगी में प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पूर्णेंद्र मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे थे।
महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने की थी 33 दिन के वेतन की घोषणा:
महासम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एनएचएम कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और उनके आंदोलन के संदर्भ में 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की थी। सीएम साय ने एनएचएम कर्मचारियों को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके योगदान की सराहना की थी तथा कर्मचारियों की मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया था।
संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कर्मचारियों में यह उम्मीद जगी थी कि जल्द ही विभागीय स्तर पर आदेश जारी होगा और हड़ताल अवधि के वेतन का भुगतान किया जाएगा। लेकिन घोषणा के लगभग तीन माह बाद भी आदेश एवं भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से कर्मचारियों के बीच सवाल उठने लगे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने भी कई मांगों पर दिया था सकारात्मक आश्वासन:
महासम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा भी एनएचएम कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया था। इनमें ग्रेड पे निर्धारण, नई HR Policy, स्थानांतरण नीति में आवश्यक बदलाव, मेडिकल सुविधाएं तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। एनएचएम कर्मचारी संघ का कहना है कि कर्मचारियों ने लगातार स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और सेवाओं को जमीनी स्तर पर संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उनकी लंबित मांगों का समयबद्ध समाधान किया जाना आवश्यक है।
त्योहारों से पहले भुगतान की मांग:
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पूरन दास ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा महासम्मेलन के मंच से की गई घोषणा कर्मचारियों के लिए विश्वास और उम्मीद का विषय बनी थी। अब विभाग को इस घोषणा पर शीघ्र अमल करते हुए आवश्यक आदेश जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दशहरा और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार सामने हैं। ऐसे समय में यदि 33 दिनों की हड़ताल अवधि का लंबित वेतन कर्मचारियों को प्राप्त होता है, तो इससे हजारों एनएचएम कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
पूरन दास ने कहा कि-
«“मुख्यमंत्री जी ने स्वयं महासम्मेलन में 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की थी। अब कर्मचारी विभाग से यही सवाल पूछ रहे हैं कि घोषणा के अनुरूप आदेश कब जारी होगा और भुगतान कब मिलेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा पर जल्द अमल होना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को आगामी त्योहारों से पहले उनका लंबित वेतन प्राप्त हो सके।”»
अन्य लंबित मांगों के समाधान की भी अपेक्षा:
संघ ने स्पष्ट किया है कि एनएचएम कर्मचारियों की नियमितीकरण, ग्रेड-पे, नए एचआर पॉलिसी, स्थानांतरण नीति में बदलाव,मेडिकल एवं कैशलेस चिकित्सा सहित अन्य लंबित मांगों पर भी शासन एवं विभाग को सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए।
संघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती के साथ संचालित कर सकेंगे। एनएचएम कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि महासम्मेलन में किए गए आश्वासनों एवं घोषणाओं पर शीघ्र विभागीय आदेश जारी कर कर्मचारियों को राहत प्रदान की जाए।
