
सतीश अल्लूर बीजापुर। बीजापुर जिले में चलाये जा रहे माओवादी विरोधी अभियान के दौरान सीआरपीएफ 229 बटालियन सिलगेर कैम्प के प्रयासों से छ0ग0 शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति से प्रभावित होकर जगरगुण्डा एरिया कमेटी अन्तर्गत डीएकेएमएस सदस्य देवा तामो ने पुलिस अधीक्षक बीजापुर आंजनेय वैष्णव के समक्ष किया आत्म समर्पण। माओवादियो की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर एवं छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया । उक्त नक्सली देवा तामो वर्ष 2006 में जगरगुण्डा एरिया कमेटी में बाल संघम सदस्य के रूप में संगठन में भर्ती हुआ, वर्ष 2006-2007 तक बाल संघम सदस्य के पद पर संगठन में कार्य किया । वर्ष 2008 में सिलगेर पंचायत का जनताना सरकार आर्थिक शाखा उपाध्यक्ष का कार्य दिया गया । वर्ष 2010 में पार्टी सदस्य का कार्य दिया गया, जिसमे 2010 से 2011 तक पार्टी सदस्य का कार्य किया । वर्ष 2012 में प्लाटून नम्बर 10 में पीपीसीएम का कार्य दिया गया । वर्ष 2014 में बटालियन नम्बर 01 के सदस्य का कार्य दिया गया । वर्ष 2015 में जगरगुण्डा एरिया कमेटी में एसीएम का कार्य दिया गया, प्रशिक्षण उपरान्त जगरगुण्डा एरिया कमेटी में टेलर टीम का कमाण्डर बनाया गया । वर्ष 2017 में स्वास्थ्य ठीक नही होने से संगठन में डीएकेएमएस का कार्य दिया गया ।
इन बड़ी घटनाओ में था नक्सली शामिल।
वर्ष 2008 में जगरगुण्डा -कोण्डासावली मार्ग पर जगह-जगह गड्ढा खोदकर मार्ग अवरूद्ध करने, दवर्ष 2010 में दोरनापाल से चिंतलनार राशन सामन ला रही पीकअप वाहन को रोक कर लूट की घटना, अप्रैल 2012 में सुकमा कलेक्टर श्री एलेक्स पॉल मेनन के अपहरण एवं गनमैन की गोली मारकर हत्या करने की घटना ,
वर्ष 2012 चिंतागुफा से बुरकापाल रोड निर्माण कार्य में सुरक्षा डयूटी पर तैनात केरिपु बल पर हमला करने की घटना , 04 जवान शहीद, वर्ष 2013 में चिन्नागेलुर अस्थाई पुलिस कैम्प पर हमला करने की घटना में शामिल
वर्ष 2013 में पूवर्ती के जंगल में ग्रे-हाउण्ड की टीम पर हमला करने, जिसमें 01 जवान शहीद 01 नग एके47 एवं 01 नग मेनपेक सेट लूट, वर्ष 2015 आवापल्ली कमारगुड़ा के बीच पत्थर खदान की सुरक्षा में निकली पुलिस पार्टी पर , हमला जिसमे 02 जवान घायल हुए थे इन तमाम बड़ी घटनाओं में यह नक्सली शामिल था।
संगठन में कार्यो की उपेक्षा करने एवं भेदभाव पूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर एवं छ0ग0 शासन की आत्मसमर्पण नीतियों से प्रभावित होकर भारत के संविधान पर विश्वास रखते हुए उक्त माओवादी द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया । आत्मसमर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् 25000/- रूपये (पच्चीस हजार रूपये) नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया।