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कटेकल्याण के सुदूर अंचल में सहायक संचालिका ने किया स्कूलों का निरीक्षण, ‘न्योता भोज’ का हुआ आयोजन।

शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं का जायजा।
सहायक संचालिका श्रीमती ठाकुर ने दोनों प्राथमिक शालाओं में पहुंचकर बच्चों की दर्ज संख्या के मुकाबले उनकी वास्तविक उपस्थिति का मिलान किया। उन्होंने शिक्षकों की समयबद्धता, पाठ्यपुस्तकों के वितरण, पेयजल व्यवस्था और शौचालयों की स्वच्छता का बारिकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीधे कक्षा-कक्षों में प्रवेश कर बच्चों से बेहद आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से अक्षर ज्ञान, गिनती, सामान्य ज्ञान व उनके बौद्धिक स्तर को परखा, जिस पर बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक जवाब दिए।

न्योता भोज एवं कन्या भोज का आत्मीय आयोजन।
इस दौरे की सबसे खास बात बच्चों के लिए आयोजित विशेष भोज रही। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘न्योता भोज’ एवं ‘कन्या भोज’ का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने न सिर्फ भोजन की गुणवत्ता जांची, बल्कि स्वयं बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर उनके साथ दोपहर का भोजन किया और उन्हें स्नेहपूर्वक पकवान परोसे। इस आत्मीय व्यवहार को देखकर स्कूली बच्चे और ग्रामीण बेहद खुश नजर आए।
शिक्षकों और पालकों को दिए कड़े निर्देश।
निरीक्षण के समापन पर सहायक संचालिका ने संस्था के शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे सुदूर अंचल के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में कोई कसर न छोड़ें। उन्होंने खेल-खेल में शिक्षा देने और बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पालकों (अभिभावकों) से लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शिक्षा के स्तर और बच्चों के पोषण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के इस तरह सुदूर संवेदनशील क्षेत्रों के स्कूलों में पहुंचने से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि ग्रामीणों में भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के प्रति एक नया उत्साह देखा जा रहा है।
इस विशेष निरीक्षण भ्रमण के दौरान उनके साथ सहायक खंड शिक्षा अधिकारी राममिलन रावटे, खंड स्रोत समन्वयक धीरेन्द्र सिंह राठौर एवं संकुल समन्वयक मेघनाथ नरेटी मुख्य रूप से मौजूद रहे।