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नक्सली कमाण्डर हिड़मा के गांव में फहरा तिरंगा, एसपी ने हिड़मा के मां से की मुलाकात।

नक्सलियों के हेड क्वाटर को जवानों ने किया कब्जा।

संवाद एक्सप्रेस सुकमा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ में सरकार ने नक्सलियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस ली है नक्सलियों के टॉप कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में जवानों ने कैंप खोल दिया है। 40 साल के बाद यहां पर सुरक्षा बलों द्वारा तिरंगा फहराया गया है। नक्सलियों के हेड क्वार्टर के रूप में पहचान रखने वाले पूवर्ती गाँव मे जवानों ने कब्जा कर लिया है।

नक्सली कमांडर हिड़मा की माँ से मिले सुकमा एसपी किरण चौहान।

नक्सली कमांडर हिड़मा की माँ से सुकमा एसपी किरण चौहान ने मुलाकात की। और हाल चाल जाना।इस दौरान केम्प खोलने की जानकारी भी वही सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया। एवं गांव में जरूरी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने का आश्वासन दिया।

कैम्प खुलने के बाद गांव के युवक गांव छोड़कर जंगल की ओर भागे।

पूवर्ती गाँव में सुरक्षा बलों के कैम्प खुलने के बाद से सारे पुरूष व युवक गाँव छोड़ जंगल में भागे। सुरक्षाबलों ने सभी को गाँव लौटने की अपील की।
पूवर्ती गाँव सुरक्षाबलों के क़ब्ज़े में चारों ओर से जवानों ने घेर रखा है गाँव ग्रामीणों को पुरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया।

कौन हैं नक्सली कमाण्डर हिड़मा।

पूवर्ती गांव का रहने वाले हिड़मा को बदरन्ना ने 1996 में नक्सल संगठन में शामिल किया था। हिडमा ने 16 साल की उम्र में उसके गांव पूर्वती में माओवादियों की ग्राम राज्य कमेटी ने उसे चुना और भर्ती हुई। हिड़मा 35 से ज्यादा हमलों में शामिल रहा है।  हिड़मा पर ताड़मेटला हमला, जिसमे 76 जवान बलिदान हुए थे, बुर्कापाल जिसमे 24 जवानों की शहादत हुई थी, ऐसी कई घटनाओ का मास्टरमाइंड माना जाता है। उस पर 25 लाख का इनाम घोषित है। हिड़मा चार लेयर के सुरक्षा घेरे में रहता है। जो आजतक पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द रहा है।