
दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के जेलों मे अधोसंरचना, कैदियों के लिए टेलीमेडिसिन सुविधा, न्यायिक अधिकारियों के लिए शासकीय आवास, वारंट के तामिलीकरण एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में किया गया मंथन।
संवाद एक्सप्रेस दंतेवाड़ा। आज जिला एवं सत्र न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय होता की अध्यक्षता में जिला मॉनिटरिंग सेल बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में कलेक्टर दंतेवाड़ा मयंक चतुर्वेदी, बीजापुर कलेक्टर अनुराग पाण्डेय, सुकमा कलेक्टर हरिस एस, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण प्रधान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रश्मि नेताम, जिला विधिक प्राधिकरण सचिव श्री संजय सोनी, उपरोक्त तीनों जिलों के एडिशनल एसपी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पालन में दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर, के वर्तमान जेलों की क्षमता, 50 वर्षों की आवश्यकता के आधार पर भविष्य की आवश्यकता का परीक्षण कर अधोसंरचना विकसित जाने के हेतु ठोस कार्य को, जेल में कैदियों द्वारा मुलाकात हेतु व्ही.सी. सुविधा उपलब्ध कराये जाने एवं कैदियों के लिये टेली मेडिसिन सुविधा उपलब्ध कराये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये। इसके साथ ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आगामी 9 मार्च को होने वाले नेशनल लोक अदालत के संबंध में प्रीलिटिगेशन के प्रकरणों में वृद्धि करने के लिए भी कहा।
इसके साथ ही बैठक में माननीय उच्च न्यायालय के वर्क प्लान, न्यायालय कक्ष एवं न्यायिक अधिकारियों के लिये पात्रता अनुसार न्यायिक पुल के शासकीय आवास की उपलब्धता, उपलब्ध न होने की स्थिति में निर्माण एवं निर्माण हेतु जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने, 05-10 वर्ष पुराने प्रकरणों, नक्सली मामलों के प्रकरणों एवं विचाराधीन बंदियों से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण बाबत समंस, वारंट की तामीली के निराकरण में एवं तामील रिपोर्ट आवश्यक रूप से पेश किये जाने, समय पर रिमांड लिये जाने, विचाराधीन बंदियों से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विवेचक के साक्ष्य हेतु उपस्थिति एवं विचाराधीन बंदियों को अधिक से अधिक विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित किए जाने के संबंध में विस्तार पूर्वक विचार विमर्श एवं निर्देशित किया गया