दन्तेवाड़ा फागुन मंडई में आदिम आखेट की परम्परानुसार संपन्न हुआ ’’लमहा मार’’ नृत्य।

“लमहा मार” रश्म में खरगोशों के आखेट की है परम्परा।
संवाद एक्सप्रेस दंतेवाड़ा। दक्षिण बस्तर की प्रसिद्ध फागुन मंडई के पाचंवा दिन आज पंचम पालकी माई जी की मंदिर से नारायण मंदिर पहुंचकर परंपरानुसार विधिवत पूजा-अर्चना एवं अन्य रस्म अदायगी के पश्चात् देर शाम वापस मंदिर पहुंचेगी तत्पश्चात् आदिम आखेट नृत्यों की परम्परा में ’’लमहा मार’’ नृत्य का आयोजन होगा। जिसमें खरगोशों के आखेट की आदिम परम्परानुसार नृत्य गान द्वारा प्रदर्शन किया गया। 9 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के छठवें दिन षष्टम पालकी के साथ कल ’’कोडरीमार’’ की रस्म परम्परानुसार आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में माई जी डोली नारायण मंदिर पहुंची जहां उन्हें बन्दूक से सलामी दी गई। इस दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सीईओ कुमार बिश्वरंजन एसडीएम जयंत नाहटा एवं टेम्पल कमेटी से पदाधिकारी सदस्य मौजूद रहे।