35 नक्सलियों ने डाले हथियार, 3 ईनामी भी शामिल।

सड़क , पेड़ काटने एवं बैनर पोस्टर बांधने की घटनाओं में शामिल थे।
संवाद एक्सप्रेस दन्तेवाड़ा। दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा जिले में छ0ग0 शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है साथ ही प्रशासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गाँव गाँव तक किया जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप यह बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में दन्तेवाड़ा जिले में 35 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान से प्रभावित होकर 03 ईनामी सहित 35 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण। दन्तेवाड़ा डीआईजी पुलिस कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ डीआईजी विकास कठेरिया एवं एसपी गौरव रॉय के समक्ष आत्म समर्पण किया है। आत्मसमर्पित माओवादी भैरमगढ़, मलांगेर एवं कटेकल्याण एरिया कमेटी में थे सक्रिय। आत्मसमर्पित सभी माओवादी नक्सली बंद के दौरान रोड़ खोदना, पेड़ काटना एवं नक्सली बैनर पोस्टर लगाने की घटनाओं में थे शामिल। 35 आत्मसमर्पित माओवादियों में से 25 माओवादियों को डीआरजी बल दन्तेवाड़ा, 06 माओवादियों को आर.एफ.टी सीआरपीएफ एवं 04 माओवादियों को 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा के द्वारा आत्मसमर्पण कराने में विशेष योगदान रहा।

दन्तेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ लगातार सभी भटके हुए माओवादियों से अपील करती रही है कि हिंसा की धारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए निकटतम थाना अथवा कैंप में सम्पर्क करें और क्षेत्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे। पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुनर्वास योजना के तहत् 25-25 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदाय कराया जायेगा। जिले में लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 180 ईनामी माओवादी सहित कुल 796 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर चुके है।