शहीद पिता की चिता के ऊपर से नवजात को फेरा, ताकि पिता जैसी ऊर्जा का संचार हो। देखिए वीडियो…

परंपरा और शौर्य का अनोखा संगम, बलिदान और साहस की भावना हुई प्रबल।
दंतेवाड़ा । देश की सेवा में प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिक की अंतिम यात्रा में एक अद्भुत और हृदय को छू लेने वाली घटना देखने को मिली। शहीद पिता की चिता के ऊपर से उनके नवजात शिशु को परंपरा के तहत फेरा गया। इस अनोखी घटना ने जहां एक ओर परिवार और गांव वालों की आंखों में आंसू ला दिए, वहीं दूसरी ओर इसने देश के लिए बलिदान और साहस की गहरी भावना को और भी प्रबल कर दिया।
बीजापुर कुटरू ब्लास्ट मे शहीद जवान सुदर्शन वेट्टी की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। शहीद जवान के परिवार ने इस परंपरा का पालन किया, जिसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करने से शहीद की वीरता और साहस नवजात को भी प्राप्त होगा। चिता के ऊपर से बच्चे को फेरने का यह क्षण पूरे गांव के लिए भावुक था।
शहीद सुदर्शन वेट्टी बस्तर फाइटर्स बटालियन मे तैनात थे, 4 जनवरी को अबूझमाड़ में नक्सलियों के विरुद्ध चलाए गए ऑपरेशन सफलतापूर्वक को अंजाम देकर लौट रहे थे इसी दौरान नक्सलियों ने कुटरु बेदरे मार्ग में अंबेली के पास घात लगाकर आईईडी विस्फोट किया जिसमें जवानों से भरी स्कॉर्पियो वाहन चपेट में आ गई इस दौरान सुदर्शन वेट्टी भी देश के लिए शहीद हुए। उनका बलिदान हमेशा याद किया जाएगा। उनके इस अद्वितीय बलिदान को सलाम करते हुए, पूरा गांव उनके परिवार के साथ खड़ा है।
दंतेवाड़ा जिले के गुमलनार गांव में शहीद सुदर्शन वेट्टी को स सम्मान सुरक्षा बल के जवानों के द्वारा अंतिम सलामी दी गई और उनके पार्थिव देव को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। इस दौरान परिवार और स्थानीय समुदाय के इस साहसिक कदम ने न केवल परंपराओं की गहराई को दिखाया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके बच्चे के जीवन में भी वही साहस और वीरता का संचार होगा, जो उनके पिता में थी।
इस घटना ने पूरे देश को एक नई प्रेरणा दी है और यह याद दिलाया है कि भारत माता के इन वीर सपूतों का त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत रहेगा।