बस्तर में नक्सलवाद को बड़ा झटका: 50 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण।

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 68 लाख के इनामी 13 माओवादियों सहित कुल 50 माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वालों में PLGA बटालियन नंबर 01, कंपनी नंबर 02 और 07 के सदस्य, एसीएम स्तर के 03 सदस्य, जनताना सरकार अध्यक्ष, केएएमएस अध्यक्ष, सीएनएम सदस्य, मिलिशिया कमांडर और डिप्टी कमांडर शामिल हैं।
सरकार की नीति और ऑपरेशन का असर
सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन, सरकार की पुनर्वास नीति, नई सुरक्षा कैंपों की स्थापना और विकास योजनाओं के प्रभाव से माओवादियों का संगठन से मोहभंग हुआ है। इसके अलावा, संगठन में बढ़ते मतभेद और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा भी आत्मसमर्पण के प्रमुख कारण बने।

बीजापुर में नक्सलवाद पर लगाम: आंकड़ों पर एक नजर
वर्ष 2024 से अब तक कुल 656 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 346 ने आत्मसमर्पण किया है और 141 मुठभेड़ों में मारे गए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास योजना के तहत 25-25 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक दिया गया है।
विकास और शांति की ओर कदम
सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान से नक्सल प्रभावित इलाकों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए उन्हें पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इस पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की नई राह खुल रही है।