बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर 120 घंटे से आपरेशन जारी, अभियान रोकने की नक्सलियों ने लिखा पत्र।

बस्तर/बीजापुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो ने एक प्रेस बयान जारी कर बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर चल रहे घेराव-उम्मूलन सैनिक अभियान’ को तुरंत रोकने की मांग की है। बयान में माओवादियों ने शांति वार्ता के लिए सरकार से पहल करने का आग्रह किया है।
नक्सली प्रवक्ता रूपेश द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पार्टी हमेशा से समस्या के समाधान के लिए शांति वार्ता का समर्थन करती रही है। माओवादी नेताओं का कहना है कि वे समस्या के शांतिपूर्ण हल के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन सरकार की ‘आक्रामक नीति’ के कारण वार्ता का मार्ग अवरुद्ध हो रहा है। माओवादियों ने आरोप लगाया कि सरकार “दमन और हिंसा” का रास्ता अपना रही है।
उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रवक्ता ने लिखा है कि बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर बड़े पैमाने पर फोर्स भेजकर और सैन्य कार्रवाई तेज कर सरकार ने संघर्ष को और गहरा किया है। उनका कहना है कि समस्या का हल बातचीत और विश्वास बहाली के उपायों से ही संभव है, न कि सैन्य अभियानों से।
माओवादी संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार “जनता को बहकाने के लिए” सैन्य कार्रवाई का सहारा ले रही है। बयान में अपील की गई है कि सभी समस्याओं का समाधान शांति वार्ता से किया जाए और सरकार बातचीत की मेज पर लौटे।
गौरतलब है कि बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर पिछले कई दिनों से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल रहा है। अब तक कई मुठभेड़ की खबरें आ चुकी हैं और फोर्स ने इलाके में बड़ी संख्या में जवान तैनात किए हैं।