Sukma

जगरगुंडा में सुशासन तिहार: 25 साल बाद खुला बैंक, नक्सलगढ़ को मिली नई सौगात।

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगरगुंडा में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हुई है। 25 वर्षों बाद यहां पहली बार बैंक की शाखा खुली, जिससे क्षेत्र के 12 गांवों के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। इस अवसर पर “सुशासन तिहार शिविर” का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होकर क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं और इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।

शिविर के दौरान ओपी चौधरी ने स्वयं फॉर्म भरकर एक नया खाता खुलवाया और क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए इंडियन ओवरसीज बैंक की ग्रामीण शाखाओं में 100 करोड़ रुपए डिपॉज़िट करवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “अब जगरगुंडा और आस-पास के 12 गांवों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।”

उन्होंने बताया कि अब महतारी वंदन योजना की राशि, पीएम किसान निधि, और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगा। इससे माताओं-बहनों और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

इतिहास से बदलाव की ओर ।

गौरतलब है कि वर्ष 2000 में जगरगुंडा की ग्रामीण बैंक पर नक्सलियों ने हमला कर बैंक को लूट लिया था और सभी कागजात जला दिए थे। तब से लेकर अब तक क्षेत्र में कोई बैंक सुविधा नहीं थी। वित्त मंत्री ने इस पहल को “नक्सलवाद से विकासवाद की ओर बढ़ता कदम” बताया और कहा कि जगरगुंडा अब सिर्फ नक्सलगढ़ नहीं, बल्कि विकासगढ़ कहलाएगा।