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बस्तर के हक में ‘न्याय यात्रा’ का आगाज़, कांग्रेस ने उठाई जल-जंगल-जमीन की आवाज।

खनिज संपदा बचाने कांग्रेस की 42 किमी पदयात्रा शुरू, 29 मई को दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट का होगा घेराव।

दंतेवाड़ा।   दंतेवाड़ा जिले में बस्तर की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा को निजी उद्योगपतियों के हाथों में जाने से बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को ‘न्याय यात्रा’ की शुरुआत की। पीसीसी चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में यह यात्रा किरंदुल से दंतेवाड़ा तक निकाली जा रही है।

चार दिनों तक चलने वाली यह पद यात्रा 26 से 29 मई तक आयोजित की जा रही है, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर बस्तरवासियों के अधिकारों की मांग कर रहे हैं। करीब 42 किलोमीटर की इस यात्रा के अंत में 29 मई को दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।

यात्रा का उद्देश्य बस्तर की खनिज संपदा को कॉर्पोरेट हस्तक्षेप से बचाना और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करना है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दौरान बस्तर की संपदा निजी हाथों में सौंपने की कोशिशें तेज हुई हैं, जिसका कांग्रेस डटकर विरोध करेगी।  इस पद यात्रा में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के साथ जिलाध्यक्ष अवधेश गौतम, वरिष्ठ नेता छबिंद्र कर्मा, तूलिका कर्मा, विमल सुराना, बबलू सिद्दीकी समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हैं। जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने वाली इस न्याय यात्रा को बस्तरवासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जन अधिकारों की लड़ाई है।