
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के निवास कार्यालय पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने बस्तरवासियों के साथ मुलाकात की और उन्हें विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए स्नेहपूर्वक आमंत्रित किया। यह मुलाकात राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर के महत्व को उजागर करती है। महेश कश्यप ने बताया कि बस्तर दशहरा आदिवासी समाज की मान्यता और परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव में शामिल होना बस्तरवासियों के लिए गर्व की बात है और यह राज्य के सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुलाकात के दौरान, सांसद और विधानसभा अध्यक्ष ने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों, परंपराओं और स्थानीय विकास से संबंधित मुद्दों पर सार्थक चर्चा की।
दोनों पक्षों ने यह भी माना कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का भी माध्यम है। बस्तरवासियों ने इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष और सांसद का धन्यवाद किया और कहा कि इस तरह के आयोजनों से समुदाय की एकता और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ती है। सांसद महेश कश्यप ने बस्तरवासियों से आग्रह किया कि वे इस दशहरा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी संस्कृति का गर्वपूर्वक प्रदर्शन करें। इस मुलाकात से यह संदेश गया किछत्तीसगढ़ सरकार और सांसद बस्तरवासियों की सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त बनाने और संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बस्तर दशहरा न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह राज्य की पर्यटन क्षमता को भी बढ़ाता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। सांसद महेश कश्यप ने आश्वासन दिया कि बस्तर दशहरा को और अधिक व्यवस्थित एवं भव्य बनाने के लिए सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।