नक्सलियों ने अबूझमाड़ मुठभेड़ पर उठाए सवाल, प्रेस नोट जारी कर लगाया पुलिस पर हत्या का लगाया आरोप।

जगदलपुर। दंडकारणय स्पेशल ज़ोनल कमेटी (भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी) ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। माओवादियों का कहना है कि 20 सितंबर को जिस मुठभेड़ में उनके दो बड़े नेताओं कट्टा रामचंद रेड्डी और कडारी सत्यानारायण रेड्डी के ढेर होने की घोषणा पुलिस ने की, वह पूरी तरह मनगढ़ंत कहानी है। संगठन ने दावा किया कि दोनों नेताओं को पहले गिरफ्तार किया गया, उनसे पूछताछ की गई और फिर योजनाबद्ध तरीके से उनकी हत्या कर दी गई। बाद में इस हत्या को मुठभेड़ का रूप दे दिया गया।

प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस अधिकारियों की ओर से जारी मुठभेड़ की कहानी को “झूठ और मनगढ़ंत” बताया गया है। माओवादी संगठन ने इस घटना को “फर्जी मुठभेड़” करार देते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।संगठन ने अपने बयान में यह भी स्वीकारा कि हाल के दिनों में लगातार हो रहे आत्मसमर्पण और गद्दारी के मामलों ने उनके नेटवर्क को कमजोर किया है। माओवादियों ने कहा कि यही वजह है कि कई बार उनके ठिकानों और मूवमेंट की जानकारी बाहर लीक हो रही है। प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया कि कामरेड राजु दादा ने 9 सितंबर को लिखे अपने आखिरी पत्र में कोरियर सिस्टम की कमजोरियों और संगठन के भीतर विश्वासघात की आशंका जताई थी। माओवादियों का कहना है कि इन हालातों के चलते संगठन को गहरी क्षति हुई है और कई वरिष्ठ कैडरों की मौत और गिरफ्तारी के पीछे यही वजह जिम्मेदार है। उन्होंने अपने साथियों को भविष्य में और सतर्क रहने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, माओवादी संगठन ने पुलिस पर आरोप लगाने के साथ-साथ अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी स्वीकारा है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान तेज कर रही हैं, जिससे नक्सल संगठन दबाव में आता दिख रहा है।