BASTAR
आईटीबीपी के 53 वी वाहिनी के जवान स्थानीय ग्रामीणों से साथ मिलकर अबूझमाड़ के संवेदनशील दुरुस्त वनांचल जंगलों में नदी नालों के ऊपर लकड़ी और बांस से बने पुलियों का कर रहे हैं निर्माण,

- आईटीबीपी के जवान रात दिन मेहनत कर अबूझमाड़ के संवेदनशील दूरस्थ वनाचल जंगलों में नदी नालों के ऊपर लकड़ी और बास से बने पुल का किया निर्माण,
जिससे ग्रामीणों को बारिश के दौरान नदी और नालों में बाढ़ जैसी स्थिति व जल स्तर भरने से स्वास्थ्य ,आवागमन ,राशन अन्य प्रकार की सेवाएं पूरी तरह जिला मुख्यालय से कट जाते हैं ,जिससे ग्रामीणों को 04 माह भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए 53 वी वाहिनी के जवान कोड़ेनार,आदिगपार, मदोड़ा में जन कल्याणकारी,सेवा भावना से देवदूत बनकर 15 किलोमीटर में 08 छोटे-बड़े लकडीनुमा पुलियो का निर्माण करवाया, सुरक्षा बल के जवान अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौती के बावजूद भी अपने अथक परिश्रम,संकल्प का परिचय देते हुए ग्रामीणों को आवागमन सुगम करवाने सेवाएं देने आने जाने में पहुंच में भी सुधार होगा, इस जनहित पहल के लिए निरंतर जवान प्रयास करते रहते है ,यह इलाका पहले नक्सलियों के कब्जे में था जो कभी नक्सलियों की राजधानी हुआ करती थी, आजादी के बाद यहां ना पक्की सड़के ना स्कूल आंगनबाड़ी ना अस्पताल पर अब धीरे-धीरे यह क्षेत्र विकास की ओर बढ़ता जा रहा है, जरूरतमंदों के लिए कुतुल से कोड़ेनार आदिगपार अधिक होते हुए 15 किलोमीटर में आठ पुल का निर्माण सुरक्षा बलों ने बनवाया, एक समय सड़क और विकास का विरोध करने वाला नक्सलियों का अब पूरी तरह खत्म हो चुका है यहां अबूझमाड़ के घने जंगलों में पुलिस कैंप की स्थापना की गई ,पुलिस कैंप बनने के बाद यहां के जवान नक्सलियों से लड़ने के बाद अब जनकल्याणकारी सेवाएं दे रही है ,अबूझमाड़ में अब बदलाव की शुरुआत हुई ,स्थानीय ग्रामीण खुद जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बांस और लकड़ी नुमा पुलियों का निर्माण कर रहे हैं,