आंखों पर पट्टी बांधकर माता के दर्शन को पहुंची युवती।

पंचमी पर शक्तिपीठ में उमड़ा आस्था का जन सैलाब।
दंतेवाड़ा। भक्ति की अपार पराकाष्ठा का उदाहरण शारदीय नवरात्र के देखने को मिल रहा है। दन्तेवाड़ा स्थित माता दंतेश्वरी पर लोगो का अटूट विश्वास ऐसा है। कोई घुटने के बल कोई पैदल, कोई दण्डवत होकर चला आ रहा है। ऐसी ही एक भक्त जो अपनी मां के स्वस्थ होने की कामना को लेकर माता के दर पर अर्जी लगाने एक युवती आंखों में पट्टी बांधकर अपने घर से निकल पड़ी। जगदलपुर आड़ावाल की रहने वाली सुनीता कश्यप मां दंतेश्वरी की अनन्य भक्तों में से एक है। वह अपनी आंखों में पट्टी बांधकर तीन दिनों तक पैदल चलकर दंतेवाड़ा पहुंची। सुनीता ने बताया कि उसकी मां बहुत बीमार थी। उसने अपनी बीमार मां के स्वस्थ होने की मन्नत मांगी थी। मां के स्वस्थ होने पर दंतेश्वरी माता के दर्शन करने आंख में पट्टी बांधकर पैदल आने का उसने संकल्प लिया था। मन्नत को पूरा करने वह अपने आंखों पर पट्टी बांधकर माता के दर्शन को पहुंची। सुनीता ने बताया कि उसकी मां अब स्वास्थ हो गई हैं। इसलिए अब दर्शन करने पहुंची है। उसका कहना था कि वह अपनी आंखें मां दंतेश्वरी के सामने ही खोलेगी।
शारदीय नवरात्र की पंचमी पर बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा। शुक्रवार की सुबह से ही मांईजी के दर्शन को भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
इस साल पदयात्रियों की संख्या भी लाखों में रही। दूर-दूर से माता के दर्शन को भक्त पैदल चलकर दंतेवाड़ा पहुंचते रहे है इनमें दर्जनों श्रद्धालु ऐसे भी थे जो अपनी मन्नत पूरी होने से घुटनों के बल चलकर शक्तिपीठ तक पहुंचे है।