CG SNAKE BITE SCAM : सांप के काटने का मुआवजा… 17 करोड़ का खेल!

बिलासपुर। बिलासपुर में सर्पदंश से मौत के नाम पर मिलने वाले सरकारी मुआवजे में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस जांच में फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी और संगठित नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये के मुआवजे में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, कई मामलों में मौत की असली वजह बदलकर उसे सांप के काटने से हुई मौत बताया गया। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी मुआवजा मंजूर कराया गया।
सबसे चौंकाने वाले मामलों में एक व्यक्ति की मौत फांसी लगाने से हुई थी, लेकिन आरोप है कि कागजों में उसकी मौत को सर्पदंश से हुई दिखाकर मुआवजे का दावा किया गया। पुलिस को यह भी पता चला कि मामले में बताए गए लाभार्थी की पहचान भी संदिग्ध थी।
अब तक की जांच में 16 संदिग्ध मामलों में करीब 3.41 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर मामलों और रकम का आंकड़ा बढ़ सकता है।
यह मामला तब सामने आया जब विधानसभा में बिलासपुर जिले में सर्पदंश से मौत और मुआवजे के आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए गए। पिछले तीन वर्षों में जिले में 431 सर्पदंश मौतों के लिए करीब 17.2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था।
जांच में डॉक्टरों, वकीलों, बैंक कर्मचारियों और बिचौलियों के कथित नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि मुआवजे की रकम खाते में पहुंचते ही निकालकर नेटवर्क के सदस्यों के बीच बांट दी जाती थी।
इस मामले में महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी समेत अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की जांच अभी जारी है और कई अन्य संदिग्ध मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।