CHHATTISGARHजगदलपुर

कांगेर राष्ट्रीय उद्यान में 3 दिन चला पक्षियों का सर्वे, उद्यान में 210 तरह की पक्षियाँ मिली।

8 राज्यो से आए 70 से अधिक बर्ड विशेषज्ञों ने किया सर्वे।

संवाद एक्सप्रेस जगदलपुर। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 3 दिनों में पक्षी विशेषज्ञयो ने 210 से अधिक बर्ड के प्रजातियों का सर्वे किया गया। बर्ड अकाउंट इंडिया व छत्तीसगढ़ वाइल्ड लाइफ के अंतर्गत कांगेर घाटी नेशनल पार्क में बर्ड का सर्वे कराया गया। जिसमे 210 से अधिक प्रजातियों के बर्ड को देखा गया हैं। 25 फरवरी से लेकर 27 फरवरी तक कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 8 राज्यो से आए 70 से अधिक बर्ड विशेषज्ञ की टीम पहुंची थी। जिन्होंने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में रहकर बर्ड का सर्वे किया। अंतिम दिन में वन विद्यालय में अन्य राज्यो से पहुंचे पक्षी विशेषज्ञयो ने अपनी बात रखी। और कहा कि बस्तर में फारेस्ट काफी सुंदर हैं और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में अनेक प्रकार के पक्षियों को देखा गया सबसे खूबसूरत और राज्य पक्षी पहाड़ी मैना को देखना अलग ही था।

उडीसा, पश्चिम बंगाल,आंध्रप्रदेश, तेलेंगाना, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यो से पहुँचे पक्षी विशेषज्ञ ने बताया कि छत्तीसगढ़ की राजकीय पक्षी मैना के अलावा कई पक्षी ऐसे भी नजर आए जो कहीं नही पाए जाते है उनकी सुरक्षित संवर्द्धन की आवश्यकता है जिसे कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की मैना मित्र की टीम काम कर रही हैं। वही कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान व बस्तर मंडल के माचकोट रेंज सर्वे के लिए अलग अलग सर्वे के लिए 33 ट्रोल को तैयार किये गए थे।

जिमसें मैना मित्र, वन विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय इको विकास समिति के सदस्य सहित अन्य राज्यो से आये पक्षी प्रेमियों ने 3 दिनों तक लगातार पक्षियों के ऊपर काम किया और 216 से अधिक नए  पक्षीयो की पहचान कर विभाग को जानकारी दी गई। वही कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के डारेक्टर ने बताया कि पहाड़ी मैना को देखने को लेकर बाहर से आये टीमो में काफी उत्सुकता थी..और पहाड़ी मैना के अलावा पहली बार मलाबार व्हाईट पक्षी को भी देखा गया। जो पश्चिमी घाट में देखा जाता हैं। साथ ही कहा कि इस पूरे 3 दिनों तक हुए पक्षियों के सर्वे रिपोर्ट को पक्षी विज्ञान केंद्र में जल्द भेजा जाएगा। ताकि बस्तर के नेशनल पार्क में उनके लिए एक अनुकूल वातावरण को और खूबसूरती से तैयार किया जायेगा।