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प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद बेवा को नहीं मिली राहत।

 

पशोपेश में परिजन, प्रशासन ने कब्जा दिलाने की बात कही थी

दंतेवाड़ा | किरंदुल की बेवा के मामले तब सुर्खियों में जब पीड़िता ने आत्महत्या की अनुमति के लिए जिला कलेक्टर को आवेदन किया था. फ़ौरन ही हरकत में आते जिला प्रशासन ने पीड़िता को बुलाकर एक दिन में उसका आशियाना दिलाने की बात कही थी. चूंकि अगला दिवस छुट्टी का था लिहाजा शुक्रवार को यह काम होना था जिसकी प्रतीक्षा में पीड़ित बेवा परिवार सहित टकटकी लगाए रही लेकिन कोई भी प्रशासनिक अमला नहीं आने से निराश है. नाटकीय मोड़ लेते बेवा के मामले में यद्यपि कुछ कार्यवाही दिखी लेकिन जो राहत की उम्मीद थी वह नहीं मिली. प्रशासन ने जैसा कहा था यदि वैसा हो जाता तो इस तरह से पीड़िता को उसका हक मिल जाता और मामले का पटाक्षेप भी हो जाता. बहरहाल, अब किरंदुल के एसडीएम के पाले में गेंद हैं देखना होगा कि कौन सा निर्णय लिया जाता है. दरअसल एसडीएम ने ही पूर्व में इस मकान को बेवा का होना पाया था और निर्णय भी उनके पक्ष में दे दिया था अब केवल खुद के आदेश को मैदान में पालन करना है जिसकी सहमति जिला कलेक्टर ने भी दे दी है|