
सुकमा । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पूवर्ति, सिलगेर और टेकलगुड़ेम स्थित सीआरपीएफ कैंपों में जवानों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इस आयोजन में सीआरपीएफ 150वीं बटालियन के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जवानों ने सुबह के समय योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कर तन और मन को स्वस्थ रखने का संदेश दिया। इस दौरान प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, ताड़ासन, भुजंगासन आदि योग मुद्राओं का अभ्यास किया गया। योग अभ्यास के साथ जवानों को इसके महत्व और लाभों की भी जानकारी दी गई। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाबलों के लिए योग न केवल मानसिक शांति और तनाव मुक्ति का माध्यम है, बल्कि यह उनकी शारीरिक फिटनेस को भी सशक्त बनाता है। जवानों ने कहा कि योग उनकी ड्यूटी में संतुलन बनाए रखने और मनोबल बढ़ाने में मदद करता है।

इस अवसर पर बटालियन के कमांडेंट राकेश शुक्ला ने भी जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य विरासत है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग है।” इसलिए रोजाना योगाभ्यास करना चाहिए।