बाढ़ संकट में एनएमडीसी बनी सहारा, ज़रूरतमंदों तक पहुँची राहत सामग्री।

दंतेवाड़ा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान से दंतेवाड़ा जिले के अनेक गाँव जलमग्न हो गए हैं। कई मार्ग टूट जाने और पुल बह जाने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस विकट स्थिति में नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएमडीसी) ने आगे आकर राहत और सहायता पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल की है।
किरंदुल परिसर के अधिशासी निदेशक रविंद्र नारायण और डीजीएम के.एल. नागवेणी के मार्गदर्शन में प्रबंधन ने आपातकालीन व्यवस्था बनाई और तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद बीते कई दिनों से एनएमडीसी की टीम बाढ़ग्रस्त इलाकों में सक्रिय होकर प्रशासन के सहयोग से ज़रूरतमंद परिवारों तक मदद पहुँचा रही है।
राहत कार्यों के दौरान अब तक 8 हज़ार से अधिक पैकेट तैयार किए गए हैं, जिनमें चावल, आटा, दाल, खाद्य तेल, साबुन, कपड़े, कंबल और अन्य आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं। इन सामग्रियों को जिला प्रशासन को सौंपकर ग्रामीण और शहरी इलाकों में पीड़ितों तक पहुँचाया जा रहा है।
इस अभियान में एनएमडीसी के मो जावेद, अभिजीत घोष, शैलेंद्र सोनी, प्रमोद कुमार, विवेक रक्शा, परितोष तिवारी, विवेक रॉय वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हैं। ज़िला प्रशासन की मौजूदगी में सामग्री का वितरण किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों तक यह सहयोग पहुँच सके।
गौरतलब है कि एनएमडीसी समय-समय पर सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में योगदान करती रही है। इस आपदा के समय भी संस्था ने यह साबित किया है कि वह केवल औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनता के साथ खड़ी है।