खेल-खेल में निखर रही ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा, एनएमडीसी के ग्रीष्मकालीन शिविरों में सीख रहे विज्ञान, कला और खेल।

दंतेवाड़ा। दक्षिण बस्तर के ग्रामीण एवं वनवासी क्षेत्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एनएमडीसी द्वारा सीएसआर के तहत 17 गांवों में ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में बच्चे खेल, कला, संगीत और विज्ञान जैसी गतिविधियों के माध्यम से नई चीजें सीखते हुए अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं।
बैलाडीला क्षेत्र के चोलनार, समलवार, हिरोली, बड़े बचेली, दुगेली, गंजेनार, मसेनार, मोलसनार, नेरली, बड़े कमेली, धुरली, गामावाड़ा, पोरोकमेली, भांसी, बासनपुर और झिरका सहित 17 गांवों में आयोजित शिविरों में फ्रिसबी खेल, ड्राइंग एवं आर्ट-क्राफ्ट, संगीत तथा साइंस डीआईवाई एवं इनोवेशन जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चे उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।

फ्रिसबी खेल के माध्यम से बच्चों में टीम भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास हो रहा है। वहीं आर्ट-क्राफ्ट गतिविधियों में बच्चे चित्रकला, मॉडल निर्माण और रचनात्मक कार्यों के जरिए अपनी कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त कर रहे हैं। बाहुबली फिल्म में प्रयुक्त ट्रेबुचेट से लेकर बैलून कार जैसे मॉडल बनाकर बच्चों को विज्ञान और दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान को सरल तरीके से समझाया जा रहा है।
संगीत गतिविधियों के अंतर्गत बच्चों को नृत्य, गायन और गिटार जैसे वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे उनकी सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है और स्थानीय लोक संस्कृति को भी बढ़ावा मिल रहा है।
शिविरों का सबसे आकर्षक हिस्सा साइंस डीआईवाई एवं इनोवेशन कार्यक्रम है, जिसमें बच्चे कम लागत वाली सामग्रियों से वैज्ञानिक मॉडल तैयार कर विज्ञान के सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप में समझ रहे हैं। इससे उनमें वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा विकसित हो रही है।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक और व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त हो रहा है। 15 जून तक चलने वाले इन शिविरों में विभिन्न प्रतियोगिताओं और सामूहिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा।
एनएमडीसी प्रबंधन के अनुसार बच्चों का समग्र विकास ही समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और इसी उद्देश्य से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में ऐसे रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कंपनी का यह प्रयास बच्चों को आत्मविश्वासी, रचनात्मक और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित कर रहा है।