सीआरपीएफ में बस्तर के 400 युवाओं की भर्ती के विरोध में माओवादियों ने जारी किया प्रेसनोट।

सुकमा। माओवादी दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव गंगा ने जारी किया प्रेसनोट। प्रेसनोट मे बस्तर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 400 पदों के भर्ती के विरोध का किया जिक्र। दलाल नौकरशाही पूंजीपतियों के सेवा उनकी सुरक्षा के लिए बस्तर के आदिवासी युवक-युवतियों का कर रहे इस्तेमाल, बस्तर में रोड, पुल पुलिये कैम्प का निर्माण स्थापित करने के लिए दंतेश्वरी महिला फाइटर, डीआरजी, तमाम सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। वर्षों से बस्तर में लगातार नरसंहार जारी है। एड्समेटा , सिलगेर, सारकेगुड़ा, जैसे दर्जनों और भी गॉवों में घटनाएं हुई है जहां गोली मारकर हत्या की गई है। विज्ञप्ति में जिक्र करते हुए लिखा है कि बस्तर में आदिवासी बीमारियों से मर रहे हैं जिनका ईलाज कराने की बजाय सरकार पुलिस सेना के लिए पैसे खर्च कर रही हैं। देश में आर्थिक महामंदी के कारण बेरोजगारी विकराल रूप ले रही है, शिक्षा विभाग में नई शिक्षकों की भर्तियां बन्द कर दी गई है, बस्तर के आदिवासी बेरोजगार युवक -युवतियां की समस्याएं बढ़ रही है। इस कारण बस्तर के बेरोजगार पुलिस भर्ती होने के लिए मजबूर हो रहे हैं। माओवादियों के इस प्रेसनोट में बस्तर के युवाओं से इस रास्ते से हटकर भारत के संविधान के तहत अपना हक अधिकार के लिए लड़ने की बात का उल्लेख किया है।