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 पलायन कर रहे मजदूरो से मिले चैतराम अटामी एवं ओजस्वी मंडावी।

जिले में रोजगार की कमी इसलिए हो रहा पलायन- चैतराम

दंतेवाड़ा।   दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्रो से प्रतिदिन बड़ी तादाद में रोजगार के लिये पडोसी राज्य आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना जाते हुए बस स्टैंड पर दंतेवाड़ा, गीदम, किरंदुल एवं बचेली में देखा जा सकता है। छत्तीसगढ़ काँग्रेस सरकार के आकर्षक रोजगार के विषय में विज्ञापन चौक एवं चौराहो पर तो दिखते है जिसपर राज्य सरकार करोड़ों खर्च कर प्रचार प्रसार करती है एवं ज्यादा से ज्यादा लोगो को प्रदेश में रोजगार मुहैय्या करवाने का दावा ठोकती है पर इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ऐसे ही पलायन करते हुए आज किरन्दुल बेंगपाल पंचायत में मामला देखने को मिला। रोजगार की तलाश में मजदूरी करने ग्रामीण अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ 150 से 180 की संख्या में पलायन करने को मजबूर दिखे । ऐसे ही जिले के विभिन्न पंचायतों से लोग प्रति दिन भारी संख्या में पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश व तेलंगाना मजदूरी करने हेतु जाते दीखते है। ग्राम पंचायतो में किसी प्रकार का रोजगार उपलब्ध नहीं होने की बात ग्रामीण स्वतः कहते दिखे।कही न कही इसका मुख्य कारण है की मनरेगा जैसे कार्यों के लिये पंचायतों में ठेकेदारों से मिलीभगत कर बड़े कार्य मशीनों से करवाये जाते है जबकि इन्हे ग्राम पंचायत में रोजगार मुहैय्या करवाने के दृष्टिकोण से सरकार ने योजना को आरम्भ किया था । बड़ी संख्या में नाबालिग भी मजदूरी के लिये पडोसी राज्य पलायन करते है पर महिला बाल विकास विभाग भी इसकी सुध नहीं लेता। आज बेंगपाल के ग्रामीण जो पलायन हेतु विवश थे उनसे मिलने भाजपा जिलाध्यक्ष चैतराम अटामी एवं भाजपा प्रदेश मंत्री ओजस्वी मंडावी पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष चैतराम अटामी ने कहा की जनघोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर 10 लाख लोगो को रोजगार एवं प्रत्येक बेरोजगार व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा गंगाजल की झूठी कसम खा कर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने किया था परन्तु सरकार में रहते चार वर्ष से ज्यादा बीत जाने के बाद भी न किसी को रोजगार मिला न बेरोजगारी भत्ता। श्री अटामी ने कहा की बदहाली का प्रदेश में ये आलम है की छोटे बच्चो के साथ पलायन करने को ग्रामीण विवश है और ये सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। श्री अटामी ने कहा की प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अन्य राज्यों में जाकर छत्तीसगढ़ में रोजगार देने की बड़ी बड़ी बातें करते है पर जमीनी हकीकत देखे तो कुछ और ही है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार का जनता से कोई सरोकार नहीं है, राज्य सरकार अपनी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने में भी विफल है और इस सरकार के पास ग्रामीण विकास के लिये कोई मिशन है न विज़न है। जिले में रोजगार की कमी है इसलिए लोग पलायन के लिए मजबूर है। प्रदेश मंत्री ओजस्वी मंडावी ने कहा की प्रदेश के कांग्रेस सरकार ने हर वर्ग को छलने का कार्य किया है ग्रामीण पलायन को मजबूर है और शासन एवं प्रशासन कुम्भकरणीय नींद सोये हुए है। केंद्र सरकार की महत्त्वकांच्छी योजनाओं के जरिये गरीब कल्याण एवं विकास के लिये जो पैसा आता है उसका दूर उपयोग कर राज्य सरकार ने जनता को छलने का कार्य किया है।