
लोन वर्राटू’ अभियान के तहत अब तक 953 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण।
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान “लोन वर्राटू (घर वापस आइए)” को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान से प्रेरित होकर आज तीन इनामी माओवादियों सहित कुल 26 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में प्रमुख रूप से राजेश कश्यप, जो आमदई एरिया जनमिलिशिया कमांडर के रूप में सक्रिय था और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उस पर ₹3 लाख का इनाम घोषित था। इसी तरह कोसा माड़वी, गमपुर आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष (₹1 लाख इनामी) और छोटू कुंजाम, बेचापाल आरपीसी सीएनएम सदस्य (₹50 हजार इनामी) ने भी मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।मुख्यधारा में लौटे माओवादी पहले अपने-अपने क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों जैसे सड़क खोदना, पोस्टर-बैनर लगाना, वसूली एवं ग्रामीणों पर अत्याचार जैसी घटनाओं में लिप्त थे। आत्मसमर्पण कार्यक्रम डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आयोजित किया गया, जहां पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, सीआरपीएफ के विभिन्न बटालियन कमांडेंट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकगण एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नवीन पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी सहायता।
आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की नवीन पुनर्वास नीति के तहत ₹50,000 की तात्कालिक सहायता राशि के साथ कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस पूरे अभियान में आरएफटी (आसूचना शाखा) दंतेवाड़ा, सीआरपीएफ की 111वीं, 195वीं, 230वीं एवं 231वीं बटालियन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बता दें कि “लोन वर्राटू” अभियान के तहत अब तक 224 इनामी माओवादियों सहित कुल 953 माओवादी आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं।