बस्तर में बाढ़ का कहर: जनजीवन ठप, जनहानि और भारी नुकसान।

सैकड़ों गांव का संपर्क टूटा, बेघर हुए हजारों लोग।
बस्तर। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव और बस्तर जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात भयावह बना दिए हैं। अतिवृष्टि के चलते नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे कई पुल-पुलिया बह गए और गाँवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सड़कों पर यातायात थम गया है और लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

बाढ़ में जमकर तबाही जनहानि, मकानों को नुकसान।
अब तक संभाग भर में 10 से अधिक लोगों की मौत और कई लोगों के लापता होने की खबर है। अचानक आई बाढ़ में कई लोग बह गए जबकि दीवार गिरने से भी जनहानि हुई। लगातार बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 300 से ज्यादा कच्चे मकान ढह गए हैं और सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। हजारों लोग बेघर होकर अस्थायी शिविरों में शरण लिए हुए हैं। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

पुल-पुलिया टूटने से संपर्क कटा
राष्ट्रीय राजमार्ग 30 और 63 पर जगह-जगह पानी भर गया है। दंतेवाड़ा-गीदम के बागमुंडी–पनेड़ा क्षेत्र में नाले पर बना पुल का एक हिस्सा बह गया जिससे जगदलपुर-दंतेवाड़ा-बीजापुर का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। कई आंतरिक सड़कें और ग्रामीण मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, सैकड़ो गांव का संपर्क पूरी तरह से जिला एवं ब्लॉक मख्यालय से टूट गया है। जिससे गाँवों तक राहत पहुँचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
94 साल बाद बस्तर में बारिश का रिकॉर्ड।
मौसम विभाग के अनुसार बस्तर संभाग में पिछले 48 घंटे में औसतन 250 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में सामान्य से तीन गुना अधिक वर्षा हुई है। आने वाले 24 घंटे में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। बस्तर में 94साल के बाद ऐसी बारिश हुई है
प्रशासन और सरकार का राहत कार्य जारी।
जिला प्रशासन और राहत दल युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें गाँव-गाँव पहुँचकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल रही हैं।
प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा पहुँचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं बस्तर की स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और हर घंटे की रिपोर्ट ले रहे हैं।
मंत्री कश्यप ने कहा – “बस्तर के लोगों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। सभी जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बाढ़ पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जाएगी।”
अधिकारी भी मौके पर मौजूद
मंत्री के निरीक्षण के दौरान बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी कमलोचन कश्यप और कलेक्टर कुणाल दुदावत सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।

