सुकमा में एनएचएम कर्मियों का अनोखा प्रदर्शन, पीपीई किट पहनकर मांगी भीख।

सुकमा। प्रदेश भर में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मियों की हड़ताल 13वें दिन भी जारी रही। सुकमा में शनिवार को कर्मचारियों ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। वे पीपीई किट पहनकर बाजार में उतरे और दुकानों में जाकर हाथ फैलाकर भीख मांगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे जनता की सेवा करते-करते अब खुद अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए इस तरह से प्रदर्शन करने को मजबूर हुए।

क्या है प्रमुख मांगें।
एनएचएम कर्मियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ा है। इनमे प्रमुख रूप से सेवा का नियमितिकरण – वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी किया जाए,।
वेतनमान में वृद्धि – स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान दिया जाए।
सेवा सुरक्षा – बार-बार अनुबंध नवीनीकरण की बाध्यता समाप्त की जाए।
पदस्थापना में पारदर्शिता – स्थानांतरण और पदस्थापना नीति स्पष्ट और निष्पक्ष हो।
भत्तों का प्रावधान – जोखिम भत्ता, ड्रेस भत्ता और अन्य सुविधाएँ दी जाएँ।
प्रमोशन नीति – वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर पदोन्नति की व्यवस्था हो।
सेवानिवृत्ति लाभ – पीएफ, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएँ लागू हों।
कार्य परिवेश में सुधार – ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बेहतर सुरक्षा और सुविधा दी जाए।
छुट्टी और मातृत्व लाभ – महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश और अन्य अवकाश की सुविधा मिले।
समान कार्य, समान वेतन – विभिन्न संविदा पदों पर कार्यरत कर्मियों को समान वेतन दिया जाए।

प्रदेश भर में जिलों में विरोध के अलग-अलग तरीके।
इस वर्ष आंदोलन को लेकर कर्मचारियों ने विभिन्न जिलों में अलग-अलग तरीकों से अपनी नाराजगी जताई—
रायपुर में मूक प्रदर्शन और काली पट्टी पहनकर धरना।
दुर्ग में मिट्टी से शरीर ढककर “हमारी जिंदगी भी धूल में मिल रही” का संदेश।
जगदलपुर में मुख्यमंत्री को राखी भेजकर “परिवार का हिस्सा समझो” की अपील।
कोरबा में अस्पताल के बिस्तर धरना स्थल पर लाकर रातभर सोए।
बिलासपुर में रक्तदान शिविर आयोजित कर विरोध दर्ज किया।
अब सुकमा में पीपीई किट पहनकर सड़कों पर भीख माँगने का अनोखा तरीका अपनाया गया।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
एनएचएम संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी अनोखे तरीकों से प्रदर्शन कर सरकार को जगाने का काम करेंगे।