Aaj Ka Panchang: भगवान विष्णु की पूजा के लिए खास है गुरुवार, जानें राहुकाल और शुभ समय

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है. पूजा-पाठ करना हो, यात्रा पर जाना हो या फिर किसी नए काम की शुरुआत करनी हो, इन सभी के लिए पंचांग देखा जाता है. पंचांग के जरिए दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के साथ-साथ शुभ-अशुभ समय की जानकारी मिलती है. पंचांग के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाती है.
कब शुरू होगी त्रयोदशी तिथि
इस दिन द्वादशी तिथि रात 2 बजकर 56 मिनट तक रहेगी. इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी. नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र सुबह 5 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. वहीं, शोभन योग शाम 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. करण में बव करण दोपहर 3 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस दिन सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे. पंचांग में शुभ और अशुभ समय का विशेष महत्व होताा है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में मांगलिक कार्य शुरू करना अच्छा रहता है. वहीं, राहुकाल में नए शुभ कार्यों की शुरुआात करने से बचने की सलाह दी जाती है.