रेलवे विभाग की लापरवाही से दन्तेवाड़ा की जनता हलाकान – चंन्द्रिका सिंह

ओवरब्रिज की मांग को रेलवे द्वारा नजरअंदाज करने का आरोप।
संवाद एक्सप्रेस दंतेवाड़ा। जन अधिकार मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने रेलवे विभाग के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा है, कि दन्तेवाड़ा को जिला बने लगभग 23 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात् भी रेलवे विभाग में लगातार इस जिले को सुविधा मुहैया कराने को नजरअंदाज करने के कारण यहां की जनता रेलवे ओवर ब्रिज के अभाव में काफी परेशानियों का समना कर रही है। यह आकलन करने योग्य बात है, जिला बनने के इतने वर्षों बाद यहां की जनसंख्या और ट्राफीक की स्थिति कहां पहुंची होगी ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन रेलवे विभाग की मौन स्थिति के कारण यहां की जनता हलाकान हो रही है। जिला मुख्यालय दन्तेवाड़ा के आवंराभाटा में स्थित रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए स्थानीय जिला प्रशासन ने काफी रूची दिखाते हुए जनमानस की समस्या के मद्देनजर एन.एम.डी.सी. बचेली से वर्ष 2015 में रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए रूपया लगभग 799.13 लाख (शब्दों में-सात करोड़ निन्यानवे लाख तेरह हजार रूपये) का अनुबंध किया जाकर कार्य प्रारम्भ करने हेतु रेलवे विभाग को प्रारम्भिक दौर में लगभग 01 करोड़ रूपये (शब्दों में एक करोड़ रूपये) जमा कराया गया था। यह काफी चर्चा के विषय में भी रहा और यहां की जनता में खुशी की लहर भी थी, लेकिन रेलवे विभाग की उदासीनता के कारण उन्होंने जमा की गई राशि जिला प्रशासन को यह कहते हुए कि गीदम से दन्तेवाड़ा तक की सड़क राष्ट्रीय राज्य मार्ग के अधीन होने के कारण ये निर्माण उक्त विभाग के द्वारा किया जाना है राशि लौटा दी। चंन्द्रिका सिंह ने आगे कहा है कि लगभग प्रत्येक एक घण्टे के अन्तराल में मालगाडियों का आवाजाही के कारण स्थानीय गेट बंद रहता है जिसके कारण जहां एक ओर जनता हलाकान हो रही है वही दूसरी ओर गंभीर स्थिति के मरीज भी बाधित होते हैं। दो विभागों के बीच में फंसा ये मामला जनता के राहत के लिए कब अपना योगदान करेंगे समड़ा से परे हैं। चंन्द्रिका सिंह ने काफी दुख जाहिर करते हुए रेलवे विभाग और राज्य सरकार से अनुनय विनय के साथ अपिल की है कि उक्त रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण यथाशीघ्र कराये जाये ताकि इस क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके। यदि पूर्व की भांति स्थिति बनी रहती है तो जनअधिकार मोर्चा जनहित में आवश्यकतानुसार इस विषय को लेकर आमरण अनशन कर सकता है।