BASTARसुकमा

बस्तर में बदलते हालात: भेज्जी थाना पहुंचे ग्रामीणों ने विकास की रखी मांग।

 

सुकमा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जहां कभी पुलिस और प्रशासन से दूरी बनाए रखना आम बात थी, वहीं अब हालात बदल रहे हैं। सुकमा जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र में एक नया और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला, जब दंतेशपुरम गांव के सैकड़ों ग्रामीण, युवा और बुजुर्ग थाना पहुंचे, लेकिन विरोध प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि गांव के विकास कार्यों की मांग को लेकर।

सड़क, पुल और बिजली की मांग।

ग्रामीणों ने थाना प्रभारी सलीम खाखा के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए सड़क, पुल-पुलिया और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग की। उन्होंने बताया कि गांव अब भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की परेशानियां आती हैं।

प्रशासन पर बढ़ रहा ग्रामीणों का विश्वास।

इस घटनाक्रम को प्रशासन और पुलिस ग्रामीणों के बढ़ते विश्वास के रूप में देख रही है। थाना प्रभारी सलीम खाखा ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि इन मांगों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर जल्द समाधान किया जाएगा।

युवाओं को खेल सामग्री वितरित।

ग्रामीणों की मांगों को सुनने के साथ-साथ थाना प्रभारी ने युवाओं को खेल सामग्री भी वितरित की, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनाने और युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करने का संदेश दिया गया।

बस्तर में बदलाव की नई तस्वीर।

बस्तर का यह घटनाक्रम दर्शाता है कि अब ग्रामीण पुलिस और प्रशासन पर भरोसा जता रहे हैं और अपने अधिकारों एवं विकास की मांग को लेकर सीधे संवाद कर रहे हैं। यह बदलाव नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की ओर बढ़ते कदमों का संकेत देता है।