दंतेवाड़ा में लोन वर्राटू अभियान की बड़ी सफलता, 3 इनामी सहित 6 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण |

दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आइए) अभियान के अंतर्गत आज एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। तीन इनामी माओवादियों सहित कुल 06 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है।आत्मसमर्पण करने वालों में 3 इनामी माओवादी शामिल हैं जो अलग-अलग एरिया कमेटियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे। इन माओवादियों पर कुल 4 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
कौन हैं आत्मसमर्पित माओवादी?
- कड़ती देवा – गोमपाड़ आरपीसी मिलिशिया इनचीफ, 2 लाख का इनामी (निवासी: सुकमा)
- लक्खे कुहड़ाम – भैरमगढ़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, 1 लाख की इनामी महिला माओवादी (निवासी: बीजापुर)
- मिथलेश उर्फ मुद्दा ओयाम – फरसेगढ़ एलओएस सदस्य, 1 लाख का इनामी (निवासी: वर्तमान में दंतेवाड़ा)
- पगनु वेको – निराम डीएकेएमएस सदस्य (निवासी: बीजापुर)
- मसराम राम कड़ती – बेचापाल आरपीसी मिलिशिया कंपनी सदस्य (निवासी: बीजापुर)
- भीमसेन ओयाम – बेचापाल आरपीसी मिलिशिया कंपनी सदस्य (निवासी: बीजापुर)
सक्रिय भूमिकाएं और आरोप:
ये सभी माओवादी अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क काटना, बैनर-पोस्टर लगाना, ग्रामीणों को धमकाना जैसी गतिविधियों में लिप्त थे। इनकी गिरफ्तारी से सुरक्षा बलों को बड़ी राहत मिली है।
प्रशासन और पुलिस का प्रयास:
इस आत्मसमर्पण कार्यक्रम का आयोजन डीआरजी कार्यालय, दंतेवाड़ा में किया गया, जिसमें DIG बस्तर रेंज श्री सुंदरराज पी., DIG दंतेवाड़ा श्री कमलोचन कश्यप, SP श्री गौरव राय सहित CRPF के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अभियान में DRG, बस्तर फाइटर्स, RFT एवं CRPF की 111वीं, 195वीं व 230वीं बटालियन की भूमिका अहम रही।
पुनर्वास और सहायता:
सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत ₹50,000 की तत्काल सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, और आवास-भूमि जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
अब तक लोन वर्राटू अभियान की उपलब्धि:
इस अभियान के अंतर्गत अब तक 967 माओवादी, जिनमें से 229 इनामी शामिल हैं, आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
प्रशासन की अपील:
प्रशासन और सुरक्षा बलों ने अन्य माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज के विकास में सहभागी बनें और शांति की ओर कदम बढ़ाएं।