नेपाल में फिर आई जल प्रलय! गोरखा में बूढ़ी गंडकी नदी का कहर, 35 से ज्यादा मकान बहे, 4 लोग लापता

गोरखा- नेपाल में आई भीषण बाढ़ को अभी दो महीने भी नहीं बीते हैं कि एक और जल प्रलय आ गई है। गोरखा जिले में रविवार को बूढ़ी गंडक नदी में आचनाक बाढ़ आ गई। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से अचानक नदी में सैलाब चला आ रहा है। नदी का पानी आसपास के गांवों में घुस गया और कई घर और पुल भी बह गए। इसके अलावा चार लोग लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा है।
जानकारी के मुताबिक गंडकी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने की वजह से कुछ उपकरण बह गए हैं। सुबह 4 बजे के करीब ही पानी गांवों में घुसने लगा और इसके बाद लोग ऊंचे स्थानों की ओर भागे। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ऊंचाई वाले इलाकों में चुन्चुब्री स्यारी नदी का पानी बंद हो गया था। इसके बाद यहां एक झील बनने लगी थी। यही पानी तेजी से बहाव के साथ नीचे आया है।
‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन के अध्यक्ष राम कुमार गुरुंग ने बताया कि बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से सल्लेरी, पायूका और जगत में नदी किनारे स्थित मकान बह गए। बाढ़ में वार्ड को जोड़ने वाला एक पुल भी बह गया। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शुरुआती खबरों के अनुसार, सिउरीबास के ऊपरी इलाके में भूस्खलन हुआ था। उन्होंने कहा कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों को संदेह है कि चुमनुब्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी स्यार का प्रवाह बाधित हो गया होगा, जिससे बाढ़ आई। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से उत्तरी गोरखा के कई इलाकों में 35 से अधिक मकान बह गए।
समाचार पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुंग ने कहा कि रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ ने उन्हें रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की याद दिला दी। उन्होंने कहा, ”बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने भोटेकोशी की बाढ़ की याद दिला दी। इसमें दर्जनों मकान बह गए हैं। फिलहाल नुकसान का सही आकलन करना संभव नहीं है।”
भोटेकोशी नदी में बाढ़ में मारे गए थे 1455 लोग
26 अगस्त को त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में ऐसी भीषण बाढ़ आई थी कि गांव के गांव साफ हो गए। इस आपदा में कम से कम 1455 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी। अब बी 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
नदी किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट जारी
चुमनुब्री गांवपालिका के अध्यक्ष निमा लामा के मुताबिक, गांवपालिका स्थित चुम्के खोला में भूस्खलन के कारण नदी का बहाव रुक गया था. इसके बाद अचानक बाढ़ आ गई. बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा ने लोगों को सतर्क करने के लिए SMS अलर्ट जारी किया है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.
चुमनुब्री गांवपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुड़ के मुताबिक, बाढ़ से दोभान, घट्टेखोला, जगत और सल्लेरी गांवों में भारी तबाही मची है.
कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
बुढ़ीगंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद स्वास्थ्य आपातकालीन केंद्र को सक्रिय कर दिया गया है. स्वास्थ्य और खाद्य स्वच्छता मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं, इमरजेंसी ट्रीटमेंट और दूसरी मेडिकल हेल्प मुहैया कराने के लिए तैयारी की जा रही है. मंत्रालय ने स्वास्थ्य संबंधी सहायता की जरूरत होने पर हेल्पलाइन नंबर 1115 पर संपर्क करने को कहा है.
नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने बुढ़ीगंडकी नदी के किनारे और निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है. फेसबुक पर जारी अपने मैसेज में उन्होंने खासतौर पर सिर्दिबास, जगत, सल्लेरी, खोलाबेसी, माछाखोला, सोती, आर्खेत और आरुघाट के निवासियों को अलर्ट रहने की सलाह दी है.
गृहमंत्री ने कहा कि नेपाल को एक बार फिर भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र गोरखा के चुमनुब्री गांवपालिका स्थित न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाला पुल बहने और घट्टेखोला के कुछ मकानों में मलबे के साथ पानी घुसने की खबरों पर चिंता जताई. उन्होंने ये भी बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है.
गृहमंत्री के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव में जुटी है. प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू की गई है.
जगत में लैंडस्लाइड का खतरा, 6 लोग एयरलिफ्ट
वहीं, नेपाल के PM बालेन शाह ने भी बताया कि बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ के बाद, नेपाली सेना की एक टुकड़ी को सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हवाई और जमीनी रास्तों से तैनात किया गया है. उन्होंने कहा, ‘जगत इलाके से 6 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है, जहां लैंडस्लाइड का खतरा है. काठमांडू में तैनात कम्पोजिट क्विक रिएक्शन टीम को भी हवाई ट्रांसपोर्ट के जरिए बताए गए इलाके में तैनात किया गया है.