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सहायक आयुक्त ने किया जिले के आश्रम-छात्रावासों का औचक निरीक्षण,

सहायक आयुक्त ने किया जिले के आश्रम-छात्रावासों का औचक निरीक्षण*

अधीक्षकों को नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य देखभाल एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

नारायणपुर, 10 अक्टूबर 2026 // जिले में संचालित आश्रम एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की निगरानी के उद्देश्य से कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग तनुजा नाग ने आज ओरछा एवं नारायणपुर विकासखंड के विभिन्न आश्रम-छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधीक्षकों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओरछा विकासखंड के बालक आश्रम गारपा, बालक आश्रम मसपुर, बालक आश्रम ताड़नार एवं बालक आश्रम बासिंग का निरीक्षण किया। इसके साथ ही नारायणपुर विकासखंड के प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास सोनपुर, बालक आश्रम सोनपुर एवं कन्या आश्रम सोनपुर पहुंचकर संस्थाओं की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए।

सहायक आयुक्त तनुजा नाग ने सभी आश्रम एवं छात्रावास अधीक्षकों तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को संस्थाओं में नियमित रूप से उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय संस्थाओं में बच्चों की देखभाल, सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना अधीक्षकों और संबंधित कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए संस्थाओं में नियमित निगरानी एवं व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों के भोजन एवं पोषण व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार प्रतिदिन समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक नाश्ता तथा भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन तैयार करने एवं वितरण के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के साथ खाद्य सामग्री के उचित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की तबीयत खराब होने या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बच्चों के स्वास्थ्य एवं देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। साथ ही संस्थाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति, भोजन व्यवस्था एवं अन्य महत्वपूर्ण पंजियों तथा अभिलेखों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सहायक आयुक्त ने आश्रम एवं छात्रावास परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए आवासीय कक्षों, रसोईघर, भोजन कक्ष, शौचालय एवं आसपास के परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वास्थ्यकर वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे बेहतर वातावरण में रहकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने सभी अधीक्षकों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए संस्थाओं की व्यवस्थाएं सुचारू रखने तथा बच्चों की सुविधाओं एवं सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।