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डीएमफ की राशि का इस्तेमाल सिर्फ खनन प्रभावित जिले मे हो – चैतराम अटामी

दन्तेवाड़ा। डीएमएफ मद की राशि खनन प्रभावित जिलों के साथ ही नवगठित जिलों मे प्राथमिकता से की जायेगी। आवंटित ऐसा निर्णय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा हाल ही मे आयोजित समिति की बैठक मे लिया गया है। जिसको लेकर भाजपा दंतेवाड़ा जिला अध्यक्ष चैतराम अटामी ने कहा है, कि भाजपा हमेशा से डीएमएफ मद की राशि का इस्तेमाल खनन प्रभावित जिले के विकास हेतु हो ये सुनिश्चित करने प्रयास करती आयी है। दंतेवाड़ा जिले में भी खनन के कारण लाल पानी से प्रभावित क्षेत्रो के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल तथा रोजगार मुहैय्या करवाने की प्राथमिकता डीएमएफ मद से होनी चाहिए | जिले के समूचे विकास पर अब स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े उपकरणों की खरीदी में भी इस मद का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा ऐसा निर्णय समिति ने लिया है। लेकिन स्वामी आत्मानंद विद्यालय हेतु इस मद का उपयोग किया जायेगा। ये समझ से परे है। कांग्रेस सरकार स्कूलों में उपकरणों की खरीदी में भी भेदभाव कर रही है। नवगठित जिलों के लिये भी डीएमएफ मद की राशि खर्च की जायेगी ऐसे निर्णय से खनन प्रभावित जिले के विकास पर असर पड़ेगा। दरअसल भूपेश बघेल आज साढ़े तीन साल बाद डीएमकेफ मद को लेकर निर्णय ले रहे है। जबकि केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप कर डीएमएफ का अध्यक्ष कलेक्टर को यथावत रखने हेतु भी आदेश किया ताकि इस मद का दुरूपयोग न हो सके तो साढ़े तीन साल तक डीएमएफ मद के पैसे में हुए बंदरबाँट का हिसाब जनता को कांग्रेस सरकार को देना चाहिए | साढ़े तीन साल तक डीएमफ मद की राशि से शिक्षा एवं स्वास्थ्य उपकरणों की खरीदी में राजनीतिक संरक्षण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ। जिसकी जिम्मेदार प्रदेश की कांग्रेस सरकार है | अगर नवगठित जिलों के विकास के लिये डीएमएफ मद की राशि का उपयोग होता है। तो जिले में लाल पानी से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ छल होगा। क्योंकि इसमें पहला हक़ प्रभावित क्षेत्रो के ग्रामीणों का है | श्री अटामी ने कहा की डीएमफ मद की राशि का दुरूपयोग कर रही है कांग्रेस सरकार जिसका हिसाब कॉंग्रेस सरकार को देना चाहिए |